VB-G RAM G Bill क्या है? मनरेगा को बंद करने की तैयारी? नए राम जी बिल में 5 बड़े बदलाव, पूरी जानकारी आसान भाषा में

देश के ग्रामीण इलाकों से जुड़ी एक बड़ी खबर इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक यह सवाल घूम रहा है—क्या मोदी सरकार मनरेगा को बंद करने जा रही है? और अगर हां, तो उसकी जगह कौन-सी नई योजना लाई जा रही है? इसी बीच सरकार ने शीतकालीन सत्र से पहले सांसदों को एक नए बिल की कॉपी सर्कुलेट की है, जिसका नाम है VB-G RAM G Bill। आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।

VB-G RAM G Bill क्या है?

VB-G RAM G Bill का पूरा नाम है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन। सरकार का कहना है कि यह बिल विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नया ढांचा देने के लिए लाया जा रहा है। यानी मनरेगा की जगह अब एक नया ग्रामीण रोजगार कानून लागू करने की तैयारी है, जिसे आम भाषा में लोग नया राम जी बिल भी कह रहे हैं।

क्या मनरेगा बंद हो रही है?

सरकार की ओर से सीधे तौर पर “मनरेगा बंद” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि मौजूदा मनरेगा कानून को हटाकर उसकी जगह VB-G RAM G Bill 2025 लाने का प्रस्ताव है। इसी वजह से राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि महात्मा गांधी का नाम हटाना सही नहीं है।

नए राम जी बिल में 5 बड़े बदलाव

अब बात करते हैं उन बदलावों की, जिनकी वजह से यह बिल इतना चर्चा में है।

1. रोजगार के दिन बढ़ेंगे
मनरेगा में जहां 1 साल में 100 दिन काम की गारंटी थी, वहीं नए VB-G RAM G Bill में इसे बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है। यानी ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा दिनों तक रोजगार मिलेगा।

2. फंडिंग का नया फॉर्मूला
अब तक मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। लेकिन नए राम जी बिल में राज्यों को भी हिस्सा देना होगा।

  • सामान्य राज्यों के लिए खर्च का अनुपात होगा 60:40

  • पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10

  • केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा खर्च केंद्र सरकार करेगी

3. बजट अब पहले से तय होगा
नए बिल में लेबर बजट की जगह मानक बजट आवंटन की व्यवस्था की गई है। हर साल फरवरी के बजट में यह तय होगा कि किस राज्य को कितना फंड मिलेगा।

4. खेती के मौसम में काम नहीं मिलेगा
किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए खेती के पीक सीजन में करीब 60 दिनों तक रोजगार नहीं दिया जाएगा। यह अवधि राज्य सरकारें अपने हिसाब से तय करेंगी।

5. मजदूरी का भुगतान हर हफ्ते
यह बदलाव श्रमिकों के लिए सबसे राहत भरा माना जा रहा है। नए VB-G RAM G Bill में मजदूरी हर हफ्ते सीधे खाते में देने का प्रावधान रखा गया है, जिससे महीनों की देरी खत्म होगी।

नाम बदलने की पुरानी चर्चा

कुछ दिन पहले खबर आई थी कि मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना किया जा सकता है, लेकिन उस पर कोई आधिकारिक नोटिस नहीं आया। अब साफ है कि सरकार मनरेगा की जगह पूरी तरह नया कानून लाने की दिशा में बढ़ रही है।

कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

नया राम जी बिल रोजगार के दिन बढ़ाता है, भुगतान व्यवस्था सुधारता है, लेकिन राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डालता है। सवाल यही है कि क्या इससे ग्रामीण मजदूरों की स्थिति बेहतर होगी या नहीं—इस पर बहस जारी है।

आपका क्या मानना है? VB-G RAM G Bill ग्रामीण भारत के लिए फायदेमंद साबित होगा या मनरेगा को कमजोर कर देगा? अपनी राय जरूर साझा करें।

Leave a Comment